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गर्मियों में कैसे जिये : क्या खाये

गर्मी के मौसम में स्वस्थ,सुरक्षित और फिट रहने के लिए जरुरी है दिनचर्या और
आहार-विहार में बदलाव। इस season में आप क्या खाएं और क्या न खाएं इस बारें में आज मैं आपको
कुछ जरुरी टिप्स दूंगा।
  • सूर्योदय से पहले
    उठते ही मिट्टी के मटके में रखा हुआ जल मुख पर भरकर, अपने नेत्रों को जल से
    अच्छी तरह साफ़ करें। इच्छानुसार 250 मिली से 400-450 मिली तक (1 से 2 गिलास) जल पिये।
  • शोचादि से निवृत होकर
    शीतल जल (स्नान करने योग्य जल) से स्नान करें।
  • स्वस्थ, सूती,
    श्वेत रंग या हल्के रंग के वस्त्र पहने। चंदन और केसर आदि सुगन्धित द्रव्यों
    को माथे पर लगाये। अच्छी श्रेणी के इत्र,परफ्यूम, डीयो आदि का उचित मात्रा
    में प्रयोग करें।
  • शरीर को स्वस्थ
    बनाये रखने के लिए हल्का व्यायाम जैसे घूमना, तैरना आदि अपनी क्षमता से कम
    करें।
नास्ता
·       
तरल पदार्थो का प्रयोग करें जैसे – ठंडाई, छाछ-राबड़ी, दूध की ठंडाई,
नमकीन छाछ, लस्सी आदि।
·       
ताजा फल,रस, चावल के चिवड़े(पोहा) को दही या छाछ में डालकर
ले।
दोपहर का भोजन
  • गेहूँ, चावल, दही,
    रायता, तरोई, ककड़ी, गोभी, टमाटर, धनिया चटनी, टिन्डे, परवल आदि का प्रयोग
    कारण चाहिए।
  • भोजन की मात्रा भूख
    से कम होनी चाहिए।
  • सलाद का प्रयोग बहुत
    कम मात्रा में करना चाहिए।
विश्राम
  • भोजन के बाद हवा
    युक्त शीतल स्थान पर कुछ समय गुजारें।
  • दोपहर में 1 से 1.30 घंटे नींद ले इससे
    थकान दूर होता है तथा शरीर की पुष्टि होती है।
दोपहर बाद
  • भुने हुए
    चने(भुंगडा), धानी ले सकते है। आंवला मुरब्बा, ताजा फल, रस, तरबूज, निम्बू,
    गुलाब, खस, चन्दन, नारियल पानी रूचि अनुसार लें।
  • गर्मी व लू के कारण
    शरीर का जल बहुत निकलता है अत जल बार-बार पिए।
रात्रि भोजन
  • रात्रि का भोजन
    हल्का हो। आमरस, खरबूजा पना, कढ़ी, खिचड़ी, दलिया, चावल, इमली का पना, कच्चे आम
    का पना आदि शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखकर ले।
रात्रि शयन
  • खुले, साफ़ स्थान पर
    चांदनी में मच्छरदानी लगाकर, गुलाब, चन्दन, केवड़ा इत्र लगाकर शयन करें।
गर्मी से बचाव के लिए
  • जहाँ तक संभव हो
    धुप में ना निकले। यदि जाना पड़े तो शरीर और सिर को मोटे सूती वस्त्र से ढककर
    या छत्री लेकर निकले।
  • बाहर जाने से पहले
    जल या कोई तरल पदार्थ शर्बत आदि लेकर निकले।
  • मधुर रस, शीतल, सुपाच्य
    तरल द्रव्य ज्यादा से ज्यादा लें।
ध्यान रखें
·       
लवण, कटु, तिक्तरस का प्रयोग न करें।
·       
मांस, अंडा, ज्यादा तेल, मिर्च आदि का ज्यादा प्रयोग ना
करें।
·       
बासी खाद्य पदार्थो, होटलों, ढाबो(जहाँ पर साफ-सफाई न हो),
धुप में रखे फलो का प्रयोग न करें। 
·       
बाहर से आकर एकाएक कूलर या शीतल स्थान पर ना बैठे।
·       
मद्य का प्रयोग न करें।
·       
नमकीन, ज्यादा आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक, बीडी, सिगरेट,
तम्बाकू का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
·       
रात्रि में जागने, अत्यधिक व्यायाम करने, नंगे पांव घुमने
आदि से बचे।

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