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माँ की अरदास

माँ की ममता का एक छोटा सा ख़त

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मेरे प्रिय
बच्चों ,
माँ अपने बच्चो को
सिखाती हुई कहती है कि अभी तुम सब छोटे हो इस उम्र में शायद तुम समझ न पाओ कि मैं
तुम्हे क्या कहना चाहती हू…
      अभी मेरे मन बहुत से ख्याल आ रहे है वो इस
कारण की समय के साथ बहुत कुछ बदलता है कहीं अपनों के बदलने का दुःख ना सहना पड़े.
इसलिए आज मैं तुमसे बात कर रही हू हो सकता की आज तुम इन बातो को नहीं समज पाओ
लेकिन एक दिन बातो को गहराही से समझ पाओगे.
      बच्चों जिस दिन मैं बूढी हो जाओ उस दिन थोड़ी
धीरज रखना और मुझे समझ ने की कोशिश करना..
      मैं कभी एक ही बात को बार-बार कहू तो मुझे
टोकना नहीं, मेरी बात सुनना उस पल को याद करना जब तुम छोटे थे तो एक ही कहानी को
बार-बार सुनने कि जिद्दी करते थे और मैं सुनाती थी.
      अगर मैं कभी अपने आप को अच्छी तरह से साफ़
नहीं कर पाऊ तो झींकना मत। तुम्हें याद है जब तुम छोटे थे तो तुम्हे नहलाने कि लिए
कितने जतन करने पड़ते थे।
      हर पल कितना कुछ बदलता जा रहा है यदि मैं
नया कंप्यूटर, रिमोट, या मोबाइल चलाना न सिख पाऊ तो मुझ पर हसना मत। थोडा वक्त दे
देना।
      बढती उम्र के कारण मेरी याददाश्त कमजोर या
फिर बातचीत के दोरान मेरा ध्यान भटक जाये, तो मुझे उस बात को याद करने का मोका
जरुर देना। मैं कभी कुछ भूल जाऊ तो झुझलाना नहीं, गुस्सा नहीं होना क्योंकि उस समय
तुम्हारा मेरे पास होना मेरे लिए सबसे बड़ी ख़ुशी होगी।
      एक दिन ऐसा आएगा, जब मैं चार कदम भी नहीं चल
सकुगी उस समय तुम मुझे मजबूती से थाम कर वैसे ही रखना जैसे मैं तम्हे चलना सिखाते
वक्त थामे रखती थी।
      यह समझने की कोशिश करना कि एक उम्र बीत जाने
के बाद मनुष्य जीता नहीं समय काटता है।
      तुम ने जब भी कोई गलती कि थी तो मैंने
तुम्हरी गलती को सुधार कर ईश्वर से तुम्हारे भले के लिए प्रार्थना की थी।
      अपने प्रेम और धीरज का सहारा देकर मुझे
जिंदगी के आखिरी पड़ाव तक थामे रखना। तुम्हारी प्रेमपूर्ण मुस्कान ही मेरा सम्बल
होगी।
      कभी मत भूलना मेरे बच्चो कि मैंने तुमसे ही
सबसे ज्यादा प्यार किया है।
      तम्हें ढेरों आशीर्वाद
      तुम्हारी माँ

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One comment

  1. माँ तो आखिर माँ होती है.

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